मौलिकता

  उदेश्य

  प्रकाश

  श्रध्दांजलि

  याद्दच्छिक विचार

  यादगार व्यक्ती

  म्पर्क

 

प्रारंभिक रूपसे इस वेबसाइट का पंजीकरण http://www.rishisutra.com नाम से किया गया था। पर जब मेरे मन में यह तथ्य पूर्ण रूपसे उतरा तो मैंने पाया कि मैं तो ऋषि हूँ हि नही। काफ़ी आत्ममंथन के बाद मैंने तय किया कि इसका नाम ज़ादसूत्र होना चाहिए ताकि सबको विदित हो कि इसका निर्माण स्वतंत्रता के लिए किया गया हैं।   

 

 


संकेत स्थ
के विकासक नोवेसिस टेक्नाँलाँजिज प्रा. लि. पुणे